पहाड़ो की रानी मसूरी में परंपरागत तरीके से इगाश मेले की धूम छाई रही इसके पीछे पौराणिक कथा है की लंका पर विजय प्राप्त करने के पश्चात जब राजा रामचंद्र जी अयोध्या आए थे तब खुशी में तमाम देशवासियों ने दिवालिया बनाई थी क्योंकि पहाड़ों मैं संदेश नहीं पहुंच सका था इसलिए एक महीना बाद विकास का पर्व यानी बूढ़ी दिपावली के रूप में मनाया जाता है
